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स्टरलाइट पर प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की जांच CBI ही करेगी, SC ने कहा निष्पक्ष हो जांच

तमिलनाडु के थूथुकुड़ी में स्टरलाइट संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान फायरिंग में 13 लोगों के मारे जाने के मामले की जांच सीबीआई ही करेगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वो निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करे। तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले में जारी कुछ दिशानिर्देशों को रद्द कर दिया है। इनमें हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का दिशानिर्देश भी शामिल हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने ही सीबीआई को मामले की जांच के आदेश दिए थे। सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वी. गिरी ने कहा कि वो इस मामले की जांच के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ये जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। तमिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास हाईकोर्ट के जांच को सीबीआई को सौंपने के अादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इससे पहले तमिलनाडु सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने 10 अक्तूबर 2018 को हुए प्रदर्शनों के दौरान फायरिंग में 13 लोगों के मारे जाने के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। वेदांता कंपनी के संयंत्र पर पर्यावरण को प्रदूषित करने का आरोप लगाते हुए लोग सड़कों पर उतरे थे जिसके बाद संयंत्र को बंद कर दिया गया था। सुनवाई में राज्य सरकार ने पुलिस केस की डायरी और समीक्षा बैठक में चर्चा की जानकारी कोर्ट के सामने रखी थी। सरकार ने कोर्ट में बताया था कि धारा 144 के उल्लंघन के बाद प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। प्रशासन ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट की प्रतियां, पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डर और ड्रिल मैन्युअल भी कोर्ट को दिए थे। पीठ ने यह सब देखने के बाद अदालत के 6 लोगों को NSA के तहत हिरासत में लेने के फैसले को रद्द कर दिया था। सभी मामलों की जांच सीबीआई को दे दी गई।

http://hindi.livelaw.in/category/news-updates/-cbi-sc–142999

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